मुजफ्फरनगर :- सिविल लाइन क्षेत्र के रेलवे रोड स्थित मुजफ्फरनगर इमेज सेंटर पर बिना पंजीकृत संचालित हो रहे एमआरआइ विभाग पर मंगलवार को प्रशासन ने कार्रवाई कर दी। जिला प्रशासन की सख्ती के बाद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की टीम ने सेंटर की जांच की, जिसमें एमआरआइ विभाग स्वास्थ्य विभाग में बिना पंजीकरण कराए बिना ही मानकों के विपरित चलता मिला। कई घंटों की कार्रवाई के बाद एमआरआइ विभाग सील किया दिया।
शहर में मुजफ्फरनगर इमेज सेंटर कई वर्षों से संचालित है। वहां मरीजों को सिटी स्कैन और एमआरआइ की सुविधा दी जा रही है। शहर के निजी चिकित्सकों के परामर्श के बाद मरीज इस सेंटर पर एमआरआइ और सिटी स्कैन के लिए पहुंचते हैं। स्वास्थ्य विभाग में बिना पंजीकरण के ही सेंटर पर एमआरआइ नियमों को ताक पर रखकर की जाती है। यह मामला खालापार निवासी एक महिला की एमआरआइ की गलत रिपोर्ट से खुल गया। इसके बाद गलत रिपोर्ट का विरोध करने पर मरीज के पति के साथ चिकित्सक ने बदसलूकी कर दी, जिससे वहां हंगामा हो गया था। मामला डीएम के पास पहुंचा, जिसके बाद डीएम चंद्रभूषण सिंह ने सीएमओ को सख्त निर्देश देकर टीम बनाकर जांच के आदेश दिए। सीएमओ ने पटल देख रहे कर्मचारी से पूरी रिपोर्ट मांगी, जिसमें सेंटर पर एमआरआइ करना नियम विरुद्ध पाया गया। इस कड़ी में सिटी मजिस्ट्रेट अनूप श्रीवास्तव के नेतृत्व मंगलवार को कार्रवाई के लिए टीम गठित की। टीम ने सेंटर पर पहुंचकर वहां दस्तावेजों को कब्जे में ले लिया और सेंटर का एमआरआइ सैक्शन सील कर कार्रवाई कर दी।
एमआरआइ के नाम पर गुमराह कर रहे सेंटर
शहर सहित देहात तक बड़ी संख्या में बिना पंजीकृत नर्सिंग होम चल रहे हैं। इन नर्सिंग होम के चिकित्सकों से सांठगाठ कर उनके परामर्श पर एमआरआई सेंटर संचालित हो रहे हैं। जनपद में करीब 17 एमआरआइ सेंटर चल रहे हैं, जिनका विभाग में पंजीकरण नही है। कोई मामला होने के बाद ही विभाग नींद से जागकर कार्रवाई करने के लिए आगे आता है। इन सेंटरों के संचालन में विभाग के भी कर्मचारी संदिग्ध है।
स्वास्थ्य विभाग ने लगातार दूसरे दिन नर्सिग होम किया सील
मुजफ्फरनगर, जेएनएन। पुरकाजी में स्वास्थ्य विभाग ने लगातार दूसरे दिन नर्सिग होम पर सील लगाने की कार्रवाई की, जिससे झोलाछाप में अफरातफरी मची रही। बिना रजिस्ट्रेशन के चल रहे नर्सिग होम वाले भी रफूचक्कर हो गए। चिकित्सा प्रभारी ने अभी और कार्रवाई करने की बात कही है।
क्षेत्र में झोलाछाप और अवैध नर्सिग होम की शिकायत पर स्वास्थ्य विभाग हरकत में आ गया है। विभाग ने सोमवार को जीटी रोड स्थित गिरी पैथोलाजी नाम से नर्सिग होम पर सील लगाई थी। मंगलवार को टीम ने लक्सर हाईवे पर बने दून मेडिकेयर सेंटर के नाम से बने नर्सिग होम को सील कर दिया। चिकित्सा प्रभारी डा. अरुण कुमार ने बताया कि नर्सिग होम के बारे में किसी ने सीएमओ आफिस में शिकायत की थी। अफ़सरों के आदेश पर जांच की गई तो वहां किसी चिकित्सक पर डिग्री नहीं मिली और न ही नर्सिग होम का रजिस्ट्रेशन मिला है। बताया कि इसे सील लगाकर बंद कर दिया गया है। क़स्बे के कई और चिकित्सकों और क्लीनिक की शिकायतें मिली हैं। सभी की जांच चल रही है, जिनके पास डिग्री और रजिस्ट्रेशन नहीं मिलेंगे सभी के खिलाफ कार्रवाई होगी। इस दौरान फार्मासिस्ट अमित कुमार, नरेश कुमार व आरिफ आदि मौजूद रहे।

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