मुजफ्फरनगर :- सिविल लाइन थाना क्षेत्र के एक रेस्टोरेंट में भाकियू कार्यकर्ताओं के मारपीट करने और जानलेवा हमले के मामले में मंगलवार को तीन आरोपितों को जमानत मिल गई है। जिला जज की कोर्ट से सुनवाई के बाद जमानत याचिका स्वीकार की। इस मामले में पहले ही सात अन्य कार्यकर्ताओं को जमानत मिल चुकी है।

गत 28 मार्च की रात शहर के प्रकाश चौराहा स्थित रेस्टोरेंट में मारपीट व तोड़फोड़ हुई थी। इस मामले में सिविल लाइन पुलिस ने भाकियू कार्यकर्ताओं को जेल भेजा था। इन तीन कार्यकर्ता सनी, जोनित व प्रदीप की जमानत याचिका जिला जज चवन प्रकाश ने मसूर करते हुए उन्हें जमानत दी है। जमानत याचिका स्वीकार करने से पूर्व जिला जज ने आइओ मुकदमा को कोर्ट में तालाब कर आरोपितों के विरुद्ध लगी संगीन धारा 307 हटाने की वजह पूछी थी, जिसके बाद भाकियू कार्यकर्ताओं की जमानत  स्वीकार कर ली।


सुरेंद्र हत्याकांड में आरोपित पिता-पुत्रों को हिरासत में लिया


मुजफ्फरनगर :-  खतौली पुलिस ने मेरठ जिले के बहसूमा थाना क्षेत्र के महमूदपुर सिखेड़ा गांव के किसान सुरेंद्र हत्याकांड में आरोपित हरकेश उर्फ कबरा पुत्र कश्मीरे और उसके पुत्रों लोकेश व लवकुश को हिरासत में लेकर पूछताछ की। बहसूमा और महमूदपुर सिखेड़ा में हत्या के कारणों की छानबीन कर साक्ष्य जुटाए। घटनास्थल के आसपास सक्रिय मोबाइल नंबरों की पड़ताल के साथ भैंसी और रसूलपुर सराय गांव मार्ग पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगाला।

सुरेंद्र की सोमवार सुबह भैंसी गांव के जंगल में गंग नहर पटरी के समीप धारदार हथियार से प्रहार कर हत्या कर दी गई थी। सुरेंद्र यहां अपनी बहन के आया हुआ था। इंस्पेक्टर संजीव कुमार का कहना है कि सुरेंद्र के खिलाफ हत्या, लूट व चोरी के अभियोग पंजीकृत है। उसका अपराधिक रिकार्ड खंगाला और रंजिश में हत्या का सुराग भी ढूंढा जा रहा है। उधर, हरकेश के स्वजन थाने पहुंचे और कहा कि तीनों को हत्या में फंसाया जा रहा है। क्षेत्र में ही एक हत्याकांड में हरकेश गवाह है। सुरेंद्र के स्वजन ने इसी कारण उनके विरुद्ध हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है।