
मुजफ्फरनगर:- नलकूप खंड़ कार्यालय में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के जीपीएफ धोखाधड़ी मामले में आरोपित मुंशी विशाल के खिलाफ मंगलवार को एक्सईएन अनिल कुमार ने कोतवाली में तहरीर दी है। आरोप लगाया है कि अधिकारियों के फर्जी हस्ताक्षर कर ट्रेजरी से धनराशि निकाली गई। पुलिस मामले की छानबीन में जुट गई है। वहीं पूर्व में भी आरोपित के खिलाफ कोतवाली में जीपीएफ से संबंधित दस्तावेज जलाने का मुकदमा दर्ज हुआ था। बता दें कि मेरठ रोड स्थित डीएम आवास के समीप स्थित नलकूप खंड कार्यालय में बीते दिनों एक अलमारी में आग लगा दी थी। इस मामले में विभाग के मुंशी विशाल के खिलाफ कोतवाली में जीपीएफ से संबंधित दस्तावेज जलाने के आरोप में मुकदमा दर्ज हुआ था। विशाल के खिलाफ विभागीय जांच शुरू की गई। इसके लिए अधीक्षण अभियंता सहारनपुर अनिल शर्मा ने अधिशासी अभियंता नलकूप खंड सहारनपुर के अधिशासी अभियंता राकेश कपूर, अधिशासी अभियंता निर्माण खंड मुजफ्फरनगर राकेश कुमार और नलकूप खंड मुजफ्फरनगर के लेखाधिकारी सचिन वर्मा को जांच सौंपी थी। जांच टीम ने उस अलमारी को खोलकर देखा, जिसमें आग लगाई गई गई थी। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के जीपीएफ से संबंधित अधिकतर दस्तावेज जले हुए मिले हैं। वहीं टीम को कुछ ऐसे सुबूत मिले हैं, जिनमें मुंशी विशाल के साथ ही जीपीएफ पटल देख रहे बाबू अंकुल भी दोषी है। इस मामले में विशाल व अंकुल को सस्पेंड किया गया है। विशाल को आगरा कार्यालय से अटैच किया गया है। नलकूप खंड कार्यालय के अधिशासी अभियंता अनिल कुमार ने मंगलवार को एक और तहरीर शहर कोतवाली में दी है, जिसमें विशाल पर धोखाधड़ी के आरोप लगाए गए हैं। एक्सईएन ने बताया कि आरोपित विशाल पर पूर्व में दस्तावेज जलाने के आरोप में मुकदमा दर्ज हुआ था। इस बार धोखाधड़ी के आरोप में तहरीर दी है।
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