मुजफ्फरनगर :- खतौली स्थित त्रिवेणी शुगर मिल खतौली के क्लब हाल में गुरुवार को कृषक गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी में किसानों को गन्ना उत्पादन बढ़ाने और गन्ने में लगने वाली बीमारियों और उनसे बचाव की जानकारी दी गई।
मुख्य वक्ता कृषि वैज्ञानिक डा. विकास मलिक ने किसानों को लाल सड़न बीमारी से बचाव के लिए खेत में ट्राइकोडरमा का प्रयोग करने के लिए जोर दिया तथा गन्ना बीज को थायो फिनाइट मिथाइल अथवा अन्य फफूंद नाशक से उपचारित करके बुवाई करने के लिए बताया। कहा कि गन्ने को 4 फीट की दूरी पर बुआई और संतुलित मात्रा में उर्वरकों का प्रयोग करें। शुगर मिल के उपाध्यक्ष डा. अशोक कुमार ने कहा की भूमि को स्वस्थ रखना आवश्यक है, तभी हमारी फसल स्वस्थ होगी, दूरी पर गन्ना बोये उसके साथ सह फसली खेती करें। सहफसली के रूप में दलहनी फसलों को लगाने से खेत में नाइट्रोजन का एकत्रीकरण होता है। बुआई के समय यूरिया का प्रयोग बिल्कुल न किया जाए। यह फसलों को नहीं मिलता है, इसलिए बुआई के समय डालने पर इसका कोई लाभ नहीं है। गोष्ठी में गन्ना महाप्रबंधक कुलदीप राठी ने किसानों का आभार व्यक्त किया। उप महाप्रबंधक गन्ना एके सिंह ने किसानों से अपने खेत पर लागू करके लाभ लेने के लिए प्रेरित किया। सहायक प्रबंधक गन्ना नीरज श्रीवास्तव, प्रदीप मलिक देवेंद्र खंडेलवाल, देवेंद्र कुमार, धर्मेद्र कुमार, शिवकुमार ने भी विचार रखे। इस अवसर पर गन्ना समिति चेयरमैन ओमवीर सिंह, प्रवेश कुमार लटूरा, ऋषि पाल भाटी, सोवीर सिंह, मोहम्मद फसी, सुनील, सुधीर, रामचंद्र प्रधान आदि मौजूद रहे।
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