मुजफ्फरनगर:-आगामी विधानसभा चुनाव का आगाज होते ही राजनेता जातिगत समीकरण लगाने में जुट गए हैं। जहां रालोद जाट और मुस्लिम समीकरण साधने में जुटी हैं वही दूसरी ओर बसपा भी प्रबुद्ध सम्मलेन कर ब्राह्मणों को सम्मान दिलाने की लिए तत्पर दिख रही है। सूबाई सरकार भाजपा भी ब्राह्मण वोट अपने पाले में होने का दम भर रही है। विधानसभा सदर सीट से टिकट के दावेदार सपा नेता राकेश शर्मा ने राजकीय इंटर कालेज के मैदान में ब्राह्मण सम्मलेन कर बिरादरी को लामबंद करने का प्रयास किया।
बीते विधानसभा चुनाव में ब्राह्मणों का थोक वोट भारतीय जनता पार्टी के खाते में गया था। अब विधानसभा चुनाव के पूर्व सभी दलों ने ब्राह्मण वोट को साधना शुरू कर दिया है। इसके तहत रविवार को समाजवादी पार्टी के नेता राकेश शर्मा द्वारा ब्राह्मणों सम्मेलन का आयोजन किया गया। इससे पूर्व बसपा सुप्रीमो पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने भी सभी जनपदों में प्रबुद्ध सम्मेलन कर ब्राह्मण वोट को साधने की कोशिश की थी। जानसठ बाइपास पर एक वैंक्वेट हाल में हुए सम्मेलन में बसपा के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा ने भाजपा सरकार पर ब्राह्मणों का उत्पीड़न करने का आरोप लगाया था। इसके इतर भाजपा, बसपा, सपा समेत सभी दल ब्राह्मण वोट को साधने की कोशिश में है। ब्राह्मण नेताओं का कहना है कि सत्ता मिलते ही उनकी सुध नहीं ली जाती।
मुजफ्फरनगर। खतौली के बड़ा बाजार स्थित ठाकुरद्वारा में रविवार को श्रीरामलीला का विधि-विधान के साथ झंडारोहण किया गया। इससे पहले हवन-पूजन और प्रसाद का वितरण हुआ। श्रीपंडित ने पूजन संपन्न कराया। यहां ठाकुरद्वारा में श्रीरामलीला का मंचन लगभग 111 साल से होता है। कोरोना महामारी के कारण रामलीला नहीं हो सकी है। आयोजन के लिए एसडीएम से अनुमति मांगी गई थी, लेकिन उसका जवाब नहीं मिला है। विधि-विधान से रामलीला का झंडा फरहाया गया।

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