मुजफ्फरनगर की हवा हुई जहरीली
मुजफ्फरनगर। जिले की हवा जहरीली होती जा रही है। इस पर पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण प्राधिकरण (ईपीसीए) के चेयरमैन डॉ भूरेलाल के निरीक्षण और नाराजगी जताए जाने के बावजूद अधिकारी बढ़ते वायु प्रदूषण के प्रति गंभीर नजर नहीं आ रहे है। ईपीसीए के चेयरमैन ने बढ़ते वायु प्रदूषण पर रोक लगाने के सख्त निर्देश दिए। इसके बावजूद शहर में कूड़ा जलाया जा रहा है। रविवार को जिले का एयर क्वालिटी इंडेक्स 285 था, जो सोमवार को बढ़ कर फिर से 321 पर पहुंच गया। जिससे जिला रेड जोन में ही है।
जिले की हवा जहरीली होने से लोगों के स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा है। वायु प्रदूषण से घिरते एनसीआर की जांच के रविवार को ईपीसीए के चेयरमैन डॉ भूरेलाल ने जनपद का निरीक्षण कर यहां का हाल जाना था। उन्होंने डीएम से लेकर संबंधित विभागों के अधिकारियों से इस पर नाराजगी जताई थी। उन्हें खतौली और शहर में कूड़ा जलता मिला था। पेपर मिलों से धुआं निकलता हुआ मिला। भोपा रोड के नाले में भी प्रदूषित पानी मिला। उन्होंने जिला प्रशासन और नगर पालिका के अधिकारियों से प्रदूषण नियंत्रण की सख्त चेतावनी दी। बावजूद इसके शहर में कूड़ा जलाने पर रोकथाम नहीं लगी। सोमवार को भोपा ओवरब्रिज के नीचे द्वारिकापुरी के पास सरेआम कूड़ा जलाया गया। इस ओर किसी ने ध्यान नहीं दिया। नतीजतन सोमवार को एक्यूआई 321 दर्ज किया गया।
उधर, नेशनल हाईवे पर भंगेला चैैक पोस्ट, भैंसी कट और नावला मोड़ के अलावा अभी भी कई स्थान ऐसे हैं, जहां उड़ती धूल राहगीरों की यात्रा में बाधा उत्पन्न कर वायु प्रदूषण बढ़ा रही है। मंसूरपुर थाने के पास वाहनों की हर समय रहने वाली आवाजाही से आधी सड़क तक मिट्टी फैली हुई है। जहां वाहन के गुजरते ही धूूल और मिट्टी का बादल सा उमड़ता है। ऐसे ही हालात बेगराजपुर पुलिस चौकी के समीप धौला पुल के है। यहां भी निर्माण कार्य के चलते धूल का गुबार उड़ रहा है।
बिलासपुर में गत्ता मिल को सील किया
मुजफ्फरनगर। ईपीसीए के चेयरमैन के कड़े निर्देश के बाद क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने बिलासपुर में चल रहे गत्ता मिल को सील कर बंद कराया है। इस मिल से प्रदूषित पानी नाले में डाला जा रहा था। यह नाला धंधेडा नाले में मिलता है और पूरा पानी काली नदी में जाता है।
ग्रामीणों की शिकायत पर क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी अंकित सिंह ने बिलासपुर गांव में जैदी गत्ता मिल का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि जांच में पाया गया कि गत्ता मिल से प्रदूषित पानी नाले में बहाया जा रहा था। जांच रिपोर्ट के आधार पर विभागीय अधिकारियों के आदेश पर नायब तहसीलदार राजकुमार और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के जेई विपुल वर्मा ने सोमवार को बिलासपुर निवासी तनवीन की जैदी गत्ता मिल को सील कर बंद कर दिया।
एसटीपी का किया निरीक्षण
मुजफ्फरनगर। उप जिला मजिस्ट्रेट अजय अंबष्ट ने जल निगम नगरीय परियोजना के अधिशासी अभियंता राजीव त्यागी के साथ सहावली में निर्माणाधीन एसटीपी का निरीक्षण किया। एसडीएम ने बताया कि दो सौ करोड़ की परियोजना में औद्योगिक क्षेत्र के नालो का पानी ट्रीटमेंट करके काली नदी में जाएगा।करीब दो साल में यह परियोजना पूरी होगी।

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