इंटेजिलेंस मुख्‍यालय पर ग्रेनेड अटैक वस्‍तुत पंजाब पुलिस के दिमाग पर हमला था। खुफिया जानकारियों के कारण यह कार्यालय बेहद महत्‍वपूर्ण है और इस पर हमले ने पंजाब सरकार की चिंता बढ़ा दी है। इसमें आतंकी कनेक्‍शन की संभावना भी है।

चंडीगढ़। Blast In Punjab Police Intelligence Headquarters: मोहाली में इंटेजिलेंस मुख्‍यालय की बिल्डिंग पर ग्रेनेड अटैक वस्‍तुत: पंजाब पुलिस के ' दिमाग' पर हमला है। बिगड़ती कानून व्यवस्था और पाकिस्तान से ड्रोन आने की घटनाओं के बीच पंजाब पुलिस के खुफिया विभाग पर हुए इस हमले ने राज्य सरकार को हिला कर रख दिया है।

हमले ने भगवंत मान सरकार को हिलाकर रख दिया

इसमें आतंकी कनेक्‍शन होने की संभावना ने पुलिस के संग मोहाली व चंडीगढ़ के लोगों की नींद उड़ा दी है। इस हमले ने बड़े खतरे का अंदेशा भी पैदा किया है।  राजनीतिक दलों के नेताओं ने इस पर चिंता जताई है और भगवंत मान सरकार को खतरे के प्रति चेताया है। 

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने हमले के बाद डीजीपी वीके भावरा से रिपोर्ट तलब की है। पिछले कुछ दिनों से पंजाब में आतंकियों के पकड़े जाने और विस्‍फोटक व हथियार मिल रहे थे।  इसके बावजूद पंजाब पुलिस के इंटेजिलेंस  हेडक्‍वार्टर पर इस तरह का हमला सुरक्षा व्‍यवस्‍था पर बड़े सवाल उठाता है। 

पंजाब पुलिस भले ही आधिकारिक रूप से इसे माइनर विस्फोट बता रही हो लेकिन हकीकत यह है कि हमला पंजाब पुलिस के 'दिमाग' पर किया गया है। मोहाली के सेक्टर-77 के खु्फिया विभाग के जिस मुख्यालय में हमला हुआ है वहां से सारी खुफिया जानकारी एकत्र की जाती है। यहीं से न केवल राज्य बल्कि केंद्र सरकार और केंद्रीय खुफिया एजेंसी को भी जानकारियां भेजी जाती हैं।


पंजाब पुलिस भले ही इसे अभी आतंकी हमला नहीं मान रही है लेकिन जिस सुनियोजित तरीके से हमला हुआ है, उसे नजरंदाज नहीं किया जा सकता है। पिछले दिनों ही चंडीगढ़ में बुड़ैल जेल की दीवार के पास टिफिन बम पकड़ा गया था। उसके बाद पंजाब से संबंध रखने वाले चार आतंकी विस्फोटक के साथ हरियाणा के करनाल में पकड़े गए। वहीं एक दिन पहले रविवार को तरनतारन में आरडीएक्स के साथ दो आतंकी गिरफ्तार किए गए थे।


पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार बनने के बाद जिस प्रकार से हथियार व विस्फोटक पदार्थ पकड़े जा रहे है, उससे इस बात के साफ संकेत मिल रहे है कि आतंकी राज्य में किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की फिराक में है। क्योंकि खूफिया विभाग के मुख्यालय में आतंकियों ही नहीं बल्कि आतंकी गतिविधियों से जुड़ी हर जानकारी होती है। यही कारण है इस विस्फोट को आतंकी घटना के रूप में देखा जा रहा है।


इस बीच राजनीतिक दलों के नेताओं ने इस घटना पर चिंता जताई है। पंंजाब के पूर्व सीएम कैप्‍टन अमरिंदर सिंह, शिरोमणि अकाली दल के अध्‍यक्ष सुखबीर सिंह बादल, पंजाब कांग्रेस के अध्‍यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़ि‍ंंग और पंजाब भाजपा के महासचिव सुभाष शर्मा ने इस घटना को बेहद चिंताजनक और सुरक्षा में बड़ी चूक बताया है। उन्‍होंने भगवंत मान सरकार को  इस मामले में कड़े कदम उठाने और सुरक्षा व्‍यवस्‍था को तुरंत चुस्‍त व दुरुस्‍त करने की मांग की है।      ' पंजाब पुलिस के खुफिया विभाग के मुख्यालय में हुए विस्फोट से गहरा सदमा लगा है। इस घटना से सुरक्षा में गंभीर चूक और प्रदेश में बिगड़ती कानून व्यवस्था की स्थिति उजागर हुई है। जिम्मेदार लोगों को बेनकाब कर दंडित करने के लिए गहन जांच किए जाने की जरूरत है।