![]() |
| केदारनाथ धाम के कपाट शुक्रवार सुबह 6:25 बजे खोल दिए गए। पहले दिन दर्शनों के लिए 15 हजार से अधिक यात्री केदारनाथ धाम व यात्रा पड़ावों पर पहुंच चुके हैं। |
रुद्रप्रयाग : बारह ज्योतिर्लिंगों में शामिल भगवान केदारनाथ धाम के कपाट शुक्रवार सुबह 6:25 बजे खोल दिए गए। इस दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मौजूद रहे। मंंदिर की दस क्विंटल फूलों के साथ ही लाइटिंग से भव्य सजावट की गई है। पहले दिन दर्शनों के लिए 15 हजार से अधिक यात्री केदारनाथ धाम व यात्रा पड़ावों पर पहुंच चुके हैं।
श्रद्धालुओं को कोई परेशानी न हो : गढ़वाल आयुक्त
गढ़वाल आयुक्त सुशील कुमार ने कहा कि केदारनाथ दर्शन को आने वाले किसी भी यात्री को कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए। उन्होंने पुलिस अधीक्षक को निर्देश देते हुए यात्रियों की सुरक्षा के लिए समुचित कदम उठाने के भी निर्देश दिए। अधिकारियों को निर्देश दिए कि यात्रा के सफल संचालन के लिए अधिकारी अपने दायित्वों का निर्वहन कुशलता, सेवाभाव एवं आपसी समन्वय के साथ करें। तीर्थयात्रियों को किसी प्रकार की कोई परेशानी न हो। उन्होंने स्वास्थ्य संबंधी सभी व्यवस्थाएं पूर्ण करने को कहा। यात्रा मार्ग से धाम तक पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने के साथ ही वाटर एटीएम बढ़ाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने पर्याप्त मात्रा में शौचालयों की संख्या बढ़ाने को कहा। साथ ही इनकी साफ-सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।
कपाट खुलने के समय धाम में मौजूद रहे कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा भी कपाट खुलने के समय धाम में मौजूद रहे। वह भी इस पल के साक्षी बने। उन्होंने इंटरनेट मीडिया पोस्ट के जरिए यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि वैदिक मंत्रोच्चार और सभी विधि विधान के साथ आज बाबा केदारनाथ धाम के कपाट खुल गए हैं। साथ ही बाबा केदार के अलौकिक दर्शन प्राप्त करने का सौभाग्य मिला। सभी श्रद्धालुओं को बहुत बहुत शुभकामनाएं। उन्होंने बाबा से सभी प्रदेशवासियों के लिए सुख, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की।
बदरीनाथ धाम में मंदिर मार्ग पर मिलेगा इस बार प्रसाद
बदरीनाथ धाम में प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी महायोजना के कार्य के दौरान मंदिर के आसपास हटाई गई प्रसाद की दुकानें अभी अस्थाई रूप से मंदिर मार्ग पर सड़क किनारे नजर आएंगी और यहीं से श्रद्धालु प्रसाद खरीद सकेंगे।
पंजीकरण कराने में हो रही है परेशानी
चारधाम यात्रा में पर्यटन विभाग की ओर से पंजीकरण को अनिवार्य कर दिया है। पंजीकरण करवाने में खासी परेशानियां यात्रियों को झेलनी पड़ रही हैं। यात्रियों को देर रात तक भूखे-प्यासे लाइन में खड़ा होना पड़ रहा है। पंजीकरण स्थलों पर मानव संसाधनों की भी कमी खल रही है। उत्तरकाशी के हीना में भी पंजीकरण स्थल बनाया गया है, लेकिन यहां पंजीकरण कराना यात्रियों के लिए परेशानी का सबब बन रहा है। पर्यटन विभाग की ओर से मशीनें लगाई हैं, लेकिन ये मशीनें धूल फांक रही हैं।
डीजल-पेट्रोल को लेकर समस्या
चारधाम यात्रा शुरू होते ही यात्रियों के सामने कई समस्याएं आने लगी हैं। यात्रियों को सड़क पर जाम के साथ डीजल-पेट्रोल को लेकर समस्या झेलनी पड़ रही है।
मुख्यमंत्री के साथ ही उनकी पत्नी भी बाबा केदारनाथ धाम पहुंची
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ ही उनकी पत्नी गीता धामी भी बाबा केदारनाथ धाम पहुंची और पूजा-अर्चना की। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि मैं बाबा केदार से प्रार्थना करता हूं कि यह यात्रा सफल रहे और सभी यात्री स्वस्थ्य व सुरक्षित रहें।
यात्रा मार्ग पर लगाए रिफ्लेक्टर साइन बोर्ड
गोपेश्वर : चारधाम यात्रा व हेमकुंड आने वाले तीर्थ यात्रियों की सुविधा के लिए यात्रा मार्ग के अलग-अलग स्थानों पर सड़क किनारे रिफ्लेक्टर साइन बोर्ड लगाए जा रहे हैं। इससे रात्रि में वाहनों को मार्ग संकरा, दुर्घटना बाहुल्य क्षेत्र, आबादी वाले क्षेत्र के साथ साथ अन्य सांकेतिक व आदेशात्मक जानकारी प्राप्त हो सके। पुलिस अधीक्षक श्वेता चौबे ने कहा कि चारधाम यात्रा के दौरान प्रात: चार बजे से रात्रि 10 बजे तक ही वाहनों की आवाजाही होगी। साइन बोर्ड लगाने का मकसद तीर्थ यात्रियों की यात्रा को सुरक्षित व सुगम बनाना है।
आठ मई को सुबह 6:15 बजे खुलेंगे बदरीनाथ धाम के कपाट
जोशीमठ स्थित नृसिंह मंदिर से तिलों के तेल की कलश यात्रा आज आदि शंकराचार्य की गद्दी के साथ पांडुकेश्वर स्थित योग-ध्यान बदरी मंदिर और सात मई को वहां से भगवान के प्रतिनिधि उद्धवजी व देवताओं के खजांची कुबेरजी की डोली के साथ बदरीनाथ धाम पहुंचेगी। आठ मई को सुबह 6:15 बजे धाम के कपाट खोले जाएंगे।
सभी होटलों की बुकिंग 15 जून तक लगभग फुल
पिछले दो वर्ष कोरोना संक्रमण के चलते यात्रा पर प्रतिबंध रहा, जबकि बाद में भी प्रतिबंध के साथ यात्रा शुरू हुई, जिससे काफी कम संख्या में यात्री दर्शनों को पहुंचे। इस बार उम्मीद की जा रही अब तक के सभी रिकार्ड चारधाम यात्रा में आने वाले भक्तों की संख्या के टूट जाएंगे। केदारनाथ धाम समेत यात्रा पड़ावों में सभी होटलों की बुकिंग 15 जून तक लगभग फुल हो चुकी है। हेली टिकट की बुकिंग भी फुल हो चुकी है, जिससे अनुमान लगाया जा सकता है कि भारी संख्या में दर्शनों के लिए भक्त पहुंचेंगे।
कपाट खुलने के मौके पर सात हजार से अधिक भक्त मौजूद
आने वाले छह महीनों तक यहीं पर भक्त भोले बाबा के दर्शन कर सकेंगे। कपाट खुलने के मौके पर सात हजार से अधिक भक्त मौजूद थे।
केदारनाथ धाम के कपाट खुले, मुख्यमंत्री धामी रहे मौजूद
![]() |
| सुबह छह बजकर 25 मिनट पर विधिविधान के अनुसार बाबा केदारनाथ के कपाट खोल दिए गए। इस दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मौजूद रहे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम से धाम में पहली पूजा करवाई गई। |





0 Comments